छत्तीसगढ़ देश रायपुर

सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम गान 25 को सुबह ठीक 11 बजे

विद्या भारती का अखिल भारतीय आयोजन

भारत रचेगा इतिहास, छत्तीसगढ़ की होगी महती सहभागिता

करोड़ों विद्यार्थी, शिक्षक, नागरिक एक साथ, एक समय गाएंगे ‘पूर्ण वंदे मातरम’

 

रायपुर। राष्ट्रीय जागरण के 150वें वर्ष और वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विद्या भारती द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम गीत का आयोजन किया जाएगा। सम्पूर्ण देश में 25 सितंबर को प्रात: 11 बजे एक साथ, एक स्वर में लाखों विद्यार्थी, शिक्षक, नागरिक वंदे मातरम गीत का पूर्ण सामूहिक गायन करेंगे। यह आयोजन गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होगा। इस आशय की जानकारी शनिवार को पत्रकार वार्ता में सामूहिक वंदे मातरम आयोजन समिति के छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक राष्ट्रगीत नहीं,बल्कि भारत की राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान एवं राष्ट्रीय चेतना का अमर स्वर है। वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने का यह ऐतिहासिक अवसर हमें स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के त्याग, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण का स्मरण कराता है।

राज्य के 1100 से अधिक सरस्वती शिशु मंदिरों की होगी सहभागिता

विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष ने जानकारी दी कि पूरा छत्तीसगढ़ इस सामूहिक पूर्ण वंदे मातरम गान के देशभक्तिपूर्ण आयोजन में पूरे उत्साह के साथ सम्मिलित हो रहा है। जो छत्तीसगढ़ प्रांत के सभी 1100 से अधिक सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों और उनमें अध्ययरत 3 लाख विद्यार्थी और 11 हजार शिक्षकों के साथ इस आयोजन में सहभागी होगा। छत्तीसगढ़ के सभी युवा, नागरिक भी इस आयोजन में सम्मिलित हों, यह भी प्रयास चल रहा है। साथ ही सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों के आसपास स्थित अन्य विद्यालय एवं महाविद्यालय भी इस आयोजन में सम्मिलित हों, यह आह्वान भी समस्त शैक्षणिक संस्थाओं से किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि विद्या भारती भारत का सबसे बड़ा गैर-सरकारी (स्वैच्छिक) शैक्षिक नेटवर्क है। विद्या भारती भारत देश के 684 जिलों में अपनी सेवा दे रही है, जिसमें शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण, जनजातीय (आदिवासी) और दूरदराज के सीमावर्ती क्षेत्र भी शामिल हैं। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के पूरे भारत में 12 हजार से अधिक विद्यालय (इसके अलावा देशभर में लगभग 8,000 से अधिक अनौपचारिक शिक्षा केंद्र भी संचालित हैं)। सरस्वती शिशु मंदिरों में देशभर में कुल आचार्य (शिक्षक)1.53 लाख से अधिक, कुल 35.33 लाख विद्यार्थी हैं। सरस्वती शिशु मंदिरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा (जैसे एआई और रोबोटिक्स) के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, योग, संगीत और नैतिक मूल्यों (संस्कारों)की शिक्षा प्रमुख है।

25 सितंबर को प्रात: 11 बजे छत्तीसगढ़ के समस्त सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को लेकर जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। चूंकि यह आयोजन गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में सम्मिलित होगा इस हेतु उसके समस्त प्रोटोकॉल के अनुसार पूरी कार्ययोजना बन रही है। उन्होंने कहा, इस पत्रकार वार्ता के माध्यम से हम छत्तीसगढ़ के समस्त युवाओं, नागरिकों से देशभक्तिपूर्ण इस गौरवमयी आयोजन में सम्मिलित होने का आहवान करते हैं।

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