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संत सम्मेलन में उठी गौ संरक्षण कानून की मांग

गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने व पूर्ण गौ-हत्या प्रतिबंध की मांग को लेकर रायपुर में विशाल सम्मेलन

रायपुर। गौ माता की रक्षा-सुरक्षा, गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने, देशभर में गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और राष्ट्रीय स्तर पर कठोर गौ-संरक्षण कानून बनाने की मुख्य मांगों को लेकर रायपुर के समता कॉलोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ हॉल में रविवार को एक भव्य सम्मेलन आयोजित किया गया।

जिसमें गौ-माता की नि:स्वार्थ सेवा करने वाले, गौ-संवर्धन में जुटे एवं राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने हेतु संघर्षरत प्रमुख संतों-महंतों समेत प्रबुद्धजन देशभर से सम्मिलित हुए और उन्होंने मंच से अपने विचार रखे।

गायत्री शक्तिपीठ के ट्रस्टियों ने किया संतों-महंतों का सम्मान

सम्मेलन के दौरान गायत्री शक्तिपीठ समता कॉलोनी के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्याम बैस, ट्रस्टी गण सदाशिव हथमल, शैलेश वर्मा व राजेंद्र स्वर्णकार के नेतृत्व में गायत्री परिजनों ने कार्यक्रम की अगुवाई की। साथ ही उन्होंने पूरे राष्ट्र से बड़ी संख्या में आए अतिथियों, संतों व पदाधिकारियों का मंच पर गायत्री परिवार की परंपरानुसार अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह एवं माल्यार्पण के साथ अभिनंदन- सम्मान किया। साथ ही देश के कोने-कोने से पहुंचे समर्पित गौ-सेवकों का भी सम्मान हुआ। दिन-रात गौ-वंश की रक्षा और संवर्धन के लिए प्रयासरत व समर्पित इन गौ-सेवकों की अंतरमन से सराहना की गई। इस अवसर पर वरिष्ठ परिव्राजक अजय साहू, कोमल साहू, हर्षवर्धन, परस, नरेन्द्र आडिल सहित बड़ी संख्या में परिजन उपस्थित थे।

गौ-सेवकों को संबोधित करते हुए मंच से वक्ताओं ने कहा कि गौ-सेवा केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि यह राष्ट्र रक्षा, पर्यावरण संतुलन और भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। गौ-सेवकों का यह संघर्ष पूरे समाज को एक नई दिशा दे रहा है।

मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्याम बैस का संदेश

गायत्री शक्तिपीठ समता कॉलोनी के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी श्याम बैस ने कहा कि गायत्री परिवार सदैव भारतीय संस्कृति, प्रकृति और गौ-वंश के संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आज गौ माता केवल श्रद्धा का केंद्र ही नहीं, बल्कि हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य का मुख्य आधार है। गायत्री शक्तिपीठ परिवार उन सभी संतों, महंतों और गौ-सेवकों को नमन करता है जो गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने और गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए निरंतर संघर्षरत हैं। हम शासन व प्रशासन से पुरजोर अपील करते हैं कि गौ-वंश की रक्षा हेतु राष्ट्रीय स्तर पर कड़ा कानून बनाया जाए और 17 दिसंबर को आयोजित होने वाले विशाल जन-जागरण अभियान को सफल बनाया जाए।

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मीडिया एमपीसीजी