गुरु भगवंत मुनिश्री संवेगरत्न सागर ने बताया चैत्य परिपाटी का महत्व
रायपुर। चैत्र परिपाटी के अंतर्गत समाजजनों ने गाजे-बाजे और उत्साह के साथ गुरु भगवंतों के सान्निध्य में नवकार नगर में प्रवेश किया। नवकार नगर के श्रीमुनि सुब्रत स्वामी जिनालय एवं मणिधारी दादाबाड़ी में कार्यक्रम ‘अहो जिन शासनम्’का आयोजन हुआ। इस प्रसंग पर लाभार्थी परिवार की ओर से ट्रस्ट अध्यक्ष विवेक डागा ने गुरु भगवंतों को अक्षत से बधाया और उनका मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया।
विशेष कार्यक्रम ‘अहो जिन शासनम्’में मुंबई के विद्वत वक्ता विक्की लोढा ने खरतरगच्छ के इतिहास तथा इसके प्रमुख भामाशाहों के जीवन और योगदान का परिचय दिया। उनके उद्बोधन ने श्रद्धालुओं में धर्म और समाज के प्रति सेवा व समर्पण की भावना जगाई। चैत्य परिपाटी के महत्व पर गुरु भगवंत मुनिश्री संवेगरत्न सागर ने प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्युषण महापर्व के पश्चात समाजजनों को नगर के सभी जिनालयों में पैदल जाकर प्रभु के दर्शन-वंदन करने चाहिए। इससे एक साथ अनेक जिनालयों के दर्शन का पुण्य मिलता है, मन में धर्म के प्रति श्रद्धा बढ़ती है और सामूहिक रूप से की गई यह यात्रा समाज में एकता-आत्मीयता को मजबूत करती है। उन्होंने सभी से इस परंपरा में उत्साहपूर्वक सहभागी बनने का आह्वान किया।
इस प्रसंग पर लाभार्थी परिवार विवेक कुमार एवं यश कुमार डागा ने आकर्षक लकी ड्रॉ के माध्यम से श्रद्धालुओं को उपहार भेंट किए।