छत्तीसगढ़ • शिक्षा

न्यायिक सक्रियता भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बना रही है पर हुई समूह चर्चा

रायपुर। दिशा कॉलेज, रायपुर के डिस्कशन फोरम के अंतर्गत बीए एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से ‘न्यायिक सक्रियता भारतीय लोकतंत्र को सशक्त बना रही है’ विषय पर समूह चर्चा आयोजित की गई। डिस्कशन फोरम की को-आॅर्डिनेटर डॉ. विद्या नायर ने इस प्रकार की गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि समूह चर्चा से विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास, प्रभावी संवाद, विचारों की स्पष्ट अभिव्यक्ति तथा समसामयिक विषयों का उत्तरोत्तर विकास होता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संवैधानिक मूल्यों, मौलिक अधिकारों, न्यायिक जवाबदेही तथा कानून व शासन के महत्व को समझने का अवसर मिला। इस गतिविधि में बीए एवं बी-एड के विद्यार्थियों ने उत्साह एवं जोश के साथ भाग लिया। समूह चर्चा के दौरान विद्यार्थियों ने न्यायिक सक्रियता के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। इस बात पर विशेष बल दिया गया कि न्यायिक सक्रियता नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने, सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने तथा संविधान की मूल भावना को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दौरान लोकतंत्र के तीनों अंगों— विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संतुलन एवं संवैधानिक मर्यादाओं के पालन की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया गया।

इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय न्यायपालिका की भूमिका, न्यायिक सक्रियता की अवधारणा तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में न्यायपालिका के योगदान से अवगत कराना रहा। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों ने तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति कौशल, तर्क-वितर्क, सार्वजनिक वक्तृत्व तथा समसामयिक संवैधानिक विषयों के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया। समूह चर्चा ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को तथ्यों एवं तर्कों के आधार पर प्रस्तुत करने तथा दूसरों के विचारों को समझने का अवसर प्रदान किया।

About the author

मीडिया एमपीसीजी