मराठी मेले में सांस्कृतिक नृत्यों, सुमधुर गीतों पर झूम उठे दर्शक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में आयोजित मराठी सोहड़ा (मेले) के तीसरे और अंतिम दिन मंडल की योग और आध्यात्म समिति की ओर से सोमवार को गीत- जब जिद पर आ गई पार्वती…पर योग डांस की प्रस्तुति दी गई। इन दिनों ट्रेंड पर चल रहे इस गीत पर किए गए योग नृत्य ने प्रस्तुति में चार चांद लगा दिए जिसे देख मुग्ध हुए सभी दर्शक झूम उठे।
वहीं आज मराठी मेले समापन दिवस की अन्य प्रस्तुतियों ने भी खूब तालियां बटोरीं। महिलाओं, युवाओं व बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन के उत्साह को दोगुना कर दिया। महाराष्ट्र मंडल की उपाध्यक्ष गीता दलाल ने बताया, मंडल की योग और आध्यात्म समिति की ओर से दिव्या पात्रीकार, साक्षी टोले, वैशाली पुरोहित, श्रुति सराफ, श्वेता कुसरे और श्वेता खरे ने हनुमान अंश फिल्म के गीते- जब जिद पर आ गई पार्वती… पर योग नृत्य के साथ शानदार प्रस्तुति दी। प्रोफेशनल नृत्यांगना रीना बाबर नेपिया तोसे नैना लागे रे… की प्रस्तुति देकर तालियां बटोरी। निखिल मुकादम की माउथ आर्गन पर बजाई गई धुन मेरे नैना सावन भादो…पर भी दर्शक झूम उठे।
रचना ठेंगड़ी ने जुस्त के गाने- मेरे घर आया एक चोर… में सुंदर नृत्य किया। नृत्य के दौरान उनकी भावभंगिमा ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। गीता दलाल के अनुसार कार्यक्रम में प्रकृति दंडवते ने मैं रहूं या न रहूं, ये देश रहना चाहिए…गाकर देशभक्ति का जज्बा जगा दिया। ओंकार कुसरे ने भी संभावनापूर्ण प्रस्तुतियां दी। प्रशांत बक्षी, विनय काले सहित कई कलाकारों ने बीट की लयबद्धता को पकड़कर सुमधुर गाने गाए।
बच्चों में अर्णव कुसरे ने विद्ठल विट्ठल…गाकर लोगों को चकित कर दिया। वहीं अभिज्ञा शुक्ला ने कृष्ण भक्ति में मनोरम डांस की प्रशंसा बटोरी। अरुणा अय्यर ने अपने सुमधुर गीत से सबका प्रभावित किया। पुराने गानों के जॉइंट म्यूजिक पर अनुप्रीता काले ने पुरानी अभिनेत्रियों की याद ताजा कर दी। इसी तरह और भी प्रस्तुतियों ने महाराष्ट्र मंडल के 92वें स्थापना दिवस के महोत्सव को और भी मजेदार बना दिया।