अध्यात्म • धर्म • रायपुर

शरद पूर्णिमा पर हुआ दादागुरुदेव महापूजन

शरद पूर्णिमा पर हुआ दादागुरुदेव महापूजन

रायपुर। तीर्थंकर परमात्मा महावीर स्वामी के पंचम गणधर , पट्ट परम्परा के प्रथम महानायक श्रीसुधर्मा स्वामी के पट्ट पर विराजित 82वें वर्तमान पट्टधर आचार्यश्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर द्वारा प्रतिष्ठित श्रीसीमंधर स्वामी जैन मंदिर व चमत्कारी श्रीजिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी, भैरव सोसायटी में शरद पूर्णिमा पर दादागुरुदेव के महापूजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेंद्र कोचर ने बताया, महापूजन पश्चात रेवड़ी व खीर की गुरुप्रसाद का वितरण किया गया।

श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाई दी एवं छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि , भाईचारे व उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की गई। खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वर के आशीर्वाद से लौकिक पर्व दीपावली 8 नवंबर एवं भगवान महावीर स्वामी का निर्वाण कल्याणक 9 नवंबर को मनाया जाएगा। भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण व गौतम स्वामी की कैवल्य प्राप्ति पश्चात जिनमंदिर के पट्ट 10 नवम्बर को प्रात: 6 बजे खुलेंगे व श्रद्धालुजन प्रथम दर्शन कर सकेंगे। जिनमंदिर में निर्वाण लड्डू चढ़ाया जाएगा। इसके पश्चात गुरुभगवंत द्वारा गौतम रासा का वांचन होगा। ज्ञान पंचमी के शुभ अवसर पर 14 नवम्बर, शनिवार को सम्यक ज्ञान की आराधना की जाएगी।

पूजा का शुभारंभ लाभार्थी परिवारों द्वारा स्थापना के विधान से हुआ। संगीत की स्वर लहरियों व भावपूर्ण बोल- नवकार मंत्र है प्यारा इसने सबको है तारा…के साथ भजन गायकों ने गुरु के चमत्कारों का बखान करते हुए चौपाइयों गुरु परतीक रूप सुगुरु सम दूजो तो नहीं.. .एवं डूबती जहाज भक्त की तारी…, पंखी रूप धरयो हितकारी… के द्वारा अध्यक्ष संतोष बैद ने समा बांध दिया। प्रसिद्ध गायक वर्धमान चोपड़ा व निर्मल पारख ने मेरी लगी गुरु संग प्रीत, दुनिया क्या जाने… के बोलो से भक्तिरस की गंगा प्रवाहित कर दी। बड़ी पूजा में नवहन जल, चंदन, धूप, दीप, अक्षत, फल, फूल वस्त्र पूजा एवं ध्वज पूजा के विधानों को पूर्ण विधिविधान व मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। पूजा का समापन आरती व मंगल दीपक उपरांत हुआ।

About the author

मीडिया एमपीसीजी