रायपुर। रायपुर में रविवार की शाम ईशा साधकों के लिए लिंग भैरवी देवी की आराधना और भक्ति के आनंद से सराबोर रही। ईशा योग केंद्र, कोयम्बतूर से आई देवी सेविकाओं ने स्थानीय ईशा स्वयंसेवकों के सहयोग से कॉन्फ्रेंस हॉल को लिंग भैरवी देवी के मंदिर के रूप में सुसज्जित किया। देवी के स्वागत में विभिन्न प्रकार के फूलों और अनाजों से बनाई गई भव्य रंगोलियों ने पूरे परिसर को आकर्षक रूप प्रदान किया। आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित इस दिव्य दर्शन कार्यक्रम में 300 से अधिक साधक शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मोहन वीणा वादक डॉ. अजय नागराज की सुमधुर देवी अर्चना से हुआ। उन्होंने मोहन वीणा के मधुर स्वरों के माध्यम से देवी की आराधना प्रस्तुत कर उपस्थित साधकों को भावविभोर कर दिया। इसके पश्चात अनिरुद्ध गनोदवाले ने देवी स्तुति गायन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। संगीत, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति के इस संगम में साधक देवी की भक्ति गाते हुए आनंदमग्न रहे।
डॉ. अजय नागराज ने अपनी शास्त्रीय संगीत साधना का परिचय देते हुए मोहन वीणा पर राग देश में विलंबित एवं मध्यलय की रचनाएं भी प्रस्तुत कीं। उनके साथ प्रख्यात तबला वादक पंडित कमल मुखर्जी ने सधी हुई संगत से प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया। शास्त्रीय रागों की प्रस्तुति के पश्चात डॉ. नागराज ने भैरवी देवी पर आधारित ईशा फाउंडेशन में प्रचलित भक्तिपूर्ण रचना मोहन वीणा पर प्रस्तुत की, जिसने श्रोताओं को विशेष रूप से भावविभोर कर दिया।
दिव्य दर्शन कार्यक्रम में लिंग भैरवी देवी की आराधना, आरती और दिव्य अभिषेक संपन्न हुआ। इस अवसर पर सभी साधकों को शरद पूर्णिमा का विशेष प्रसाद भी वितरित किया गया। कार्यक्रम के अंत में ईशा फाउंडेशन की ओर से कलाकारों को देवी का चित्र एवं शॉल अर्पित कर सम्मानित किया गया।
लिंग भैरवी देवी के दिव्य दर्शन, देवी स्तुति, मोहन वीणा के मधुर स्वरों और सामूहिक आराधना ने रायपुर के साधकों को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। पूरे आयोजन में भक्ति, संगीत और साधना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।