रायपुर। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के तेली समाजसेवकों एवं समाजसेविकाओं का भव्य मिलन समारोह श्यामपुर, छुईखदान स्थित सामाजिक सभा भवन में हुआ। छत्तीसगढ़ियां दुबेलिया तेली साहू समाज केंद्रीय समिति की पहल पर आयोजित इस समारोह में सामाजिक एकता, आपसी सद्भाव, संस्कारों के संरक्षण और संगठन की मजबूती पर विचार-विमर्श किया गया। तीन राज्यों के समाजजनों ने एक मंच पर जुटकर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। समारोह में ज्योति अशोक साहू ने ‘समाज के बिना तीनों लोक अधूरे हैं’
का संदेश देते हुए कहा कि समाज ही व्यक्ति को पहचान, सहयोग, संस्कार और सुरक्षा का आधार प्रदान करता है। सामाजिक एकता और परस्पर सहयोग के बिना किसी भी समाज की प्रगति संभव नहीं है। समाज की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समाजहित में योगदान देना चाहिए। वहीं, रितु खेमचंद साहू ने कहा कि माता-पिता अपनी जिम्मेदारी निभाएं तो हर बच्चा सामाजिक संस्कारों से परिपूर्ण बन सकता है। उन्होंने नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने के लिए अभिभावकों से अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाने का आह्वान किया।
समारोह में छत्तीसगढ़ियां दुबेलिया तेली साहू समाज के केंद्रीय अध्यक्ष शिवकुमार साहू ने कहा, किसी भी समाज की असली ताकत उसकी युवा पीढ़ी होती है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संगठन मजबूत होगा और समाज नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। समारोह का संचालन करते हुए सचिव संतोष साहू ने कहा, समाज का विकास केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास, परस्पर सहयोग और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी निभाने से संभव है। उपाध्यक्ष मनोज साहू आभार व्यक्त करते हुए कहा कि तीन राज्यों के समाजजनों का यह मिलन आपसी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने, सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संगठनात्मक एकजुटता को नई दिशा देने की पहल के रूप में सामने आया।