सिर्फ पैसा न लगाएं, युवाओं के लिए रोजगार निर्माता बनें: जुनैद ढेबर
रायपुर। वीआईपी रोड स्थित शगुन फार्म में ‘आॅल इंडिया मेमन जमात फेडरेशन’ का ऐतिहासिक वार्षिक अधिवेशन आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ में यह अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन लगभग 23 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आयोजित किया गया। जिसमें भारत के कोने-कोने और दुनिया भर से तकरीबन 800 से अधिक बड़े उद्योगपति, निवेशक और नीति-निर्धारक शामिल हुए।
छत्तीसगढ़ की आर्थिक क्षमता का खींचा खाका
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और युवा उद्योगपति जुनैद ढेबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि यह व्यापार के लिए सबसे सुरक्षित और उपजाऊ भूमि है। प्रचुर खनिज संपदा, बेहतरीन आयरन ओर और स्टील उत्पादन क्षमता के कारण आज हमारा राज्य निवेश के लिए सबसे उत्तम विकल्प बनकर उभरा है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों को उन खास सेक्टर्स की जानकारी दी, जहां निवेश करने पर बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने मुख्य रूप से फूड प्रोसेसिंग (खाद्य प्रसंस्करण), कृषि आधारित उद्योग (एग्रीकल्चर बिजनेस), मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स, कटिंग-एज टेक्नोलॉजी (आधुनिक तकनीक) जैसे क्षेत्रों में निवेश करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि इन क्षेत्रों में यहां का इकोसिस्टम अब बेहद मजबूत हो चुका है। इस अंतरराष्ट्रीय निवेश से छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्ट सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय सप्लायर्स को नया बाजार मिलेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
अपने संबोधन के अंत में जुनैद ढेबर ने मेमन समाज के सक्षम लोगों से एक भावुक अपील करते कहा, छत्तीसगढ़ में सिर्फ एक पारंपरिक निवेशक बनकर कदम न रखें। बल्कि हमारे युवाओं का भविष्य संवारने के लिए रोजगार निर्माता और इस राज्य की तरक्की के सच्चे डेवलपमेंट पार्टनर बनें। अधिवेशन की समाप्ति पर देश-विदेश से आए व्यापारियों ने छत्तीसगढ़ के प्रति भारी उत्साह दिखाया और उनके इस आर्थिक विजन की जमकर तारीफ की।