रायपुर। जब आज पूरा जमाना ओटीटी और यूट्यूब पर शिफ्ट हो चुका है, ऐसे दौर में रायपुर के डीवीडी-सीडी संग्रहकर्ता मनीष टांक ने फिल्मी इतिहास को सहेजने का अनोखा काम किया है। उनके पास हिंदी फिल्मों की हजारों दुर्लभ ओरिजिनल डीवीडी और सीडी का संग्रह है, जिसे देखकर 80 और 90 के दशकों की यादें ताजा हो जाती हैं। मनीष के संग्रह की सबसे खास बात है अभिनेता नाना पाटेकर की फिल्मों की डीवीडी का सम्पूर्ण खजाना।
बातचीत के दौरान भी वे नाना पाटेकर अभिनीत करीब 70 जानी-पहचानी फिल्मों का दुर्लभ संग्रह अपने साथ लेकर पहुंचे। नाना पाटेकर की लगभग सभी प्रमुख फिल्मों— क्रांतिवीर, तिरंगा, अग्नि साक्षी, यशवंत, अब तक छप्पन, अपहरण, वेलकम, शक्ति सहित कई सुपरहिट फिल्मों की ओरिजिनल डीवीडी उनके पास मौजूद हैं।
मनीष बताते हैं कि फिल्मों और उनके रिकॉर्ड प्लेयर, आॅडियो-वीडियो कैसेट्स के प्रति बचपन से रहा लगाव ही उन्हें इस संग्रह की ओर ले आया। स्कूल-कॉलेज के समय से पॉकेट मनी बचाकर उन्होंने डीवीडी-सीडी खरीदनी शुरू की थी। आज उनके पास न केवल हिंदी फिल्में, बल्कि पुराने गानों, गजलों और डॉक्यूमेंट्री की भी दुर्लभ सीडी हैं।
इस दुर्लभ कलेक्शन को फिल्म सिटी लायब्रेरी में मिले जगह: मनीष
मनीष का कहना है कि उनका उद्देश्य इस खजाने को आने वाली पीढ़ी के लिए सहेज कर रखना है, ताकि नई पीढ़ी भी उस दौर को समझ सके, तब फिल्म देखना सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि एक यादगार अनुभव हुआ करता था। उन्होंने राज्य सरकार से खास दरख्वास्त करते कहा कि राजधानी में बनने जा रही फिल्म सिटी की लाइब्रेरी में उनके इस दुर्लभ संग्रह को स्थान देकर इसे सुरक्षित-संग्रहित किया जाए। डिजिटल दौर में भी इस तरह का संग्रह धैर्यपूर्वक सहेज कर रखना उनका एक सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य है।