टिटलागढ़ में गांड़ा समाज ने आयोजित किया भव्य नुआखाई मिलन समारोह
रायपुर। राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज का विस्तार करते हुए समाजसेवी मनमोहन कुमार को राष्ट्रीय सलाहकार नियुक्त किया गया है। इस आशय की जानकारी ओडिशा-जिला बलांगीर के टिटलागढ़ क्षेत्र में गांड़ा समाज द्वारा आयोजित भव्य नुआखाई मिलन समारोह में शरीक होकर लौटे महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने दी। उन्होंने बताया कि इस समारोह में बड़ी संख्या में शामिल समाजजनों ने सामाजिक एकता, शिक्षा, संगठन तथा लोकतांत्रिक भागीदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया। समारोह में राजधानी रायपुर से संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी बनवाली छुरा, राष्ट्रीय युवा प्रभारी आशीष तांडी, युवा नेता मनोज सोना आदि भी शरीक हुए।
जागरूकता ही हमें आगे लेकर जाएगी- मनमोहन कुमार
इस दौरान नवनियुक्त राष्ट्रीय सलाहकार मनमोहन कुमार ने कहा , गांड़ा समाज एक मेहनतकश समाज है, समाज के लोगों ने वर्षों तक अपने अधिकारों के लिए संघर्ष किया है और अब शिक्षा, संगठन तथा संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, पंचायत से लेकर विधानसभा और पार्लियामेंट तक समाज के योग्य लोगों की लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़नी चाहिए। शिक्षा, संगठन और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता ही हमें आगे लेकर जाएगी।
अब राष्ट्रीय स्तर पर हाथ मिलाकर आगे बढ़ने का समय आ चुका है- भगवानू नायक
राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि समाज को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर आगे बढ़ने का समय आ चुका है। छत्तीसगढ़ से ओडिशा के टिटलागढ़ पहुंचने का उद्देश्य केवल एक कार्यक्रम में शामिल होना नहीं, बल्कि दोनों राज्यों सहित देशभर में निवासरत गांड़ा समाज के बीच सामाजिक रिश्ते और संगठन को मजबूत करना है। हमारे पूर्वजों ने अभाव और कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताया। हमारे समाज की बड़ी आबादी आज भी मेहनत-मजदूरी और खेती से जुड़ी है, लेकिन परिवर्तन दिखाई दे रहा है। नई पीढ़ी पढ़ रही है, प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ रही है और शासकीय सेवाओं में चयनित हो रही है। गति भले धीमी हो, लेकिन दिशा सही है।
राज्यों की सीमाएं अलग हैं पर हमारा समाज और संस्कृति एक है- बनवाली छुरा
संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी बनवाली छुरा ने कहा, राज्यों की सीमाएं अलग हैं लेकिन हमारा समाज और संस्कृति एक है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की भौगोलिक सीमाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन दोनों राज्यों में रहने वाले गांड़ा समाज की संस्कृति, परंपरा, संघर्ष और सामाजिक सरोकार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज का उद्देश्य अलग-अलग राज्यों में निवासरत समाज के लोगों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाना है। समाज जब शिक्षा और संगठन के आधार पर एक-दूसरे से जुड़ेगा, तभी उसकी समस्याओं और आवश्यकताओं को व्यापक स्तर पर सामने रखा जा सकेगा।
हमारे युवाओं को अब बड़े सपने देखने होंगे- आशीष तांडी
राष्ट्रीय युवा प्रभारी आशीष तांडी ने युवाओं को संबोधित करते हुए शिक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कानून, प्रशासन, व्यवसाय और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा—हमारे युवाओं को बड़े सपने देखने होंगे। परिस्थितियां कठिन हो सकती हैं, लेकिन शिक्षा वह हथियार है जो एक पीढ़ी की मेहनत से आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य बदल सकती है। समाज के शिक्षित और सफल युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने पीछे आने वाले बच्चों का भी मार्गदर्शन करें।
अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का पर्व है- मनोज सोना
युवा नेता मनोज सोना ने कहा, कार्यक्रम में समाज के नेताओं ने कहा कि नुआखाई केवल नवीन अन्न ग्रहण करने का पर्व नहीं, केवल यही नहीं, बल्कि किसान के श्रम, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामाजिक भाईचारे और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का पर्व है।
ओडिशा, राज्य के बलांगीर जिला के अन्तर्गत, टिटलागढ़ क्षेत्र में आयोजित नुआखाई मिलन समारोह में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के सलाहकार मनमोहन कुमार, संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक, राष्ट्रीय प्रभारी बनवाली छुरा, युवा प्रभारी आशीष तांडी, युवा नेता मनोज सोना, टिटलागढ़ के पूर्व चेयरमैन भरत तांडी, इंजीनियर बी.एस. तांति, अर्जुन नाग, ललित कुमार, चितरंजन बीसी, हरिशंकर नाग, पर्वितो बाघ, किशन नाग, नरेश जाल, जगदीश नाग, इंद्रमणि बाग, अधिवक्ता महेश नायक, अधिवक्ता हरीश सुना, झरना जाल, पंचमी नाग, लक्ष्मी नाग, पूनम नाग, सरोजनी सिक्का सहित सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित थे।




