छत्तीसगढ़ • रायपुर

पोर्ट ब्लेयर में ममता ने किया एकल नाट्य ‘कौशल्या’ का मंचन

रायपुर की ख्यातिलब्ध अदाकारा ममता ने अब तक लिखे 23 एकल नाटक, देश – विदेश के मंचों पर किया प्रभावी मंचन

‘कौशल्या’ के प्रथम मंचन को देख छलक आए दर्शकों के आंसू

माधवराव सप्रे स्मृति सम्मान से नवाजा गया

रायपुर। सृजन गाथा संस्था द्वारा अंडमान निकोबार पोर्ट ब्लेयर के टीएसजी ग्रैंड होटल में 19 से 26 सितंबर तक आयोजित 26वें अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मलेन में राजधानी रायपुर की अदाकारा ममता अहार ने एक पात्रिय संगीत नाट्य ‘कौशल्या’ का मंचन किया। यह उनके द्वारा लिखित-निर्देशित व मंचित 23वां एकल नाटक रहा। नाटक ‘कौशल्या’ के इस प्रथम मंचन में मां सीता का रावण द्वारा हरण, राम जन्म, विवाह एवं राम वन गमन तथा राम के अयोध्या वापस आने के प्रसंगों का दृश्यांकन किया गया। दर्शकों की आंखों में आए आंसू नाटक की सफल प्रस्तुति का आभास करा रहे थे। इस दौरान रचनात्मक लेखन-निर्देशन व अभिनय के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ममता अहार को माधवराव सप्रे स्मृति सम्मान से नवाजा गया।

कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों प्रख्यात भाषाविद् डॉ. जयप्रकाश मानस, स्वागताध्यक्ष डॉ. अजय पाठक और अध्यक्ष डॉ. सविता मोहन ने कहा कि साहित्य और रचनात्मक लेखन समाज को संवेदनशील बनाने के साथ भाषा और संस्कृति को समृद्ध करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सम्मेलन में अंडमान निकोबार के निवासी साहित्यकार एवं भारत से दिल्ली, गुजरात, उत्तराखंड, पंजाब, असम, ओडिसा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व अन्य राज्यों के साहित्यकारों ने भाग लिया।

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मीडिया एमपीसीजी