कर्मचारी संगठन • छत्तीसगढ़ • रायपुर

2 फीसदी महंगाई राहत व पेंशन वृद्धि का आदेश जानबूझकर विलंब से जारी: भारती

Written by Kamlakar Yerpude

रायपुर। छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज एवं अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के सुशासन के दावेदार मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों और पेंशनरों पर बड़ा उपकार जताते हुए डीए व राहत पेंशन बढ़ाने की घोषणा की है। जबकि उन्होंने 01 जनवरी 2026 के स्थान पर 01 नवंबर 2026 से डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की घोषणा कर केवल 2 प्रतिशत की वृद्धि की है। वहीं केंद्र शासन ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को 01 जुलाई 2026 से डीए एवं राहत पेंशन 3 प्रतिशत बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य शासन ने कर्मचारियों और पेंशनरों को 2 प्रतिशत महंगाई राहत पेंशन का आदेश जानबूझकर

विलम्ब से जारी कर 01 नवंबर 2026 से प्रभावशील मानकर वृद्धि की है। जबकि केंद्र शासन ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को 01 जुलाई 2026 से 3 प्रतिशत महंगाई राहत स्वीकृत की है जो एक दिन पहले ही जारी की गई है।

प्रांताध्यक्ष भारती ने मीडिया को जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि मुख्यमंत्री अपने आपको सुशासन के दावेदार मानते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के 3 लाख से ऊपर कर्मचारियों और 1 लाख 50 हजार पेंशनरों का हितैषी मानते हुए उनके द्वारा महंगाई राहत पेंशन की मांग करने की संभावना जानकर 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी 01 नवंबर 2026 से करते हुए 10 माह का एरियर उन्होंने गायब कर दिया है। छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 6वें वेतनमान के अनुरूप 32 माह का एरियर एवं 01 जनवरी 2016 से 7वें वेतनमान के अनुरूप 27 माह का एरियर 01 जनवरी 2006 एवं 01 जनवरी 2016 के पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों को भुगतान करने का निर्णय व आदेश उच्च न्यायालय बिलासपुर ने 01 अप्रैल 2026 को दिया है। प्रांताध्यक्ष भारती ने कहा है कि कोर्ट के फैसले और आदेश का पालन न करते हुए समय पर आदेश न जारी कर राज्य शासन द्वारा कोर्ट के आदेश की अवमानना की गई है।

About the author

Kamlakar Yerpude