रायपुर

समता रास गरबा उत्सव में नवमी पर 250 से अधिक पुरस्कारों की सौगात

रायपुर। राजधानी रायपुर में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित समता रास गरबा उत्सव 2026 ने शहर में भक्ति, परंपरा और उल्लास का भव्य संगम प्रस्तुत किया है। रायपुर के भैंसथान मैदान में आयोजित 9 दिवसीय इस रास गरबा उत्सव में हजारों की संख्या में गरबा प्रेमी और श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित बच्चे, युवक-युवतियों, महिलाओं और परिवारों ने मां दुर्गा के गीतों और भजनों की धुन पर गरबा और डांडिया खेलकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। रास गरबा उत्सव में पूरे 9 दिनों तक प्रसिद्ध गायक सैफ एंड सोहेल के साथ गरबा स्थल पर मां नवदुर्गा की आराधना का अद्भुत नजारा देखने को मिला।

आयोजन समिति के प्रमुख सुबोध हरितवाल ने बताया, रास गरबा के इस पारंपरिक आयोजन में हर आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्तिमय संगीत, आकर्षक परिधान और ताल से ताल मिलाते हजारों प्रतिभागियों ने नवरात्र के उत्सव को यादगार बना दिया।

उत्सव के अंतिम दिन आज खास आकर्षण

उत्सव के अंतिम दिन यानी सोमवार महानवमी के अवसर पर प्रतिभागियों और विजेताओं के लिए विशेष आकर्षण रखा गया है। आयोजन समिति की ओर से सैकड़ों आकर्षक उपहारों की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर कुल 250 से अधिक पुरस्कार वितरित किए जाएंगे, जिन्हें लेकर गरबा प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रथम पुरस्कार के रूप में होंडा एक्टिवा, जेंट्रॉन इलेक्ट्रॉनिक बाइक, बेस्ट कपल्स के लिए डायमंड रिंग, एलईडी टीवी और 31 हजार रुपए सहित अनेक आकर्षक उपहार शामिल हैं।

भक्ति के साथ परंपरा और संस्कृति को बढ़ावा

समता कॉलोनी रास गरबा समिति के आयोजन समिति प्रमुख सुबोध हरितवाल में बताया कि समता रास गरबा उत्सव का उद्देश्य केवल गरबा और डांडिया का आयोजन करना ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, पारंपरिक परिधानों, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता को भी प्रोत्साहित करना है। नवरात्र के दौरान मां दुर्गा की आराधना के साथ आयोजित यह उत्सव लोगों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां परिवार, युवा और समाज के विभिन्न वर्ग एक साथ आकर उत्सव का आनंद लेते हैं। हमारी पूरी टीम आयोजन में शामिल हुए हर एक नागरिक और अतिथियों का आभार व्यक्त करती है।

समता रास गरबा उत्सव 2026 के नौ दिवसीय आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, सामूहिकता और उत्साह का प्रतीक है। मां नवदुर्गा की भक्ति में सराबोर इस आयोजन का समापन नवमी के दिन आकर्षक पुरस्कार वितरण और उल्लासपूर्ण माहौल के बीच होगा।

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