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रक्षाबंधन में “भद्रा का साया” :- रक्षाबंधन 30 अगस्त को मनाए या 31 अगस्त को..?? जानिए ज्योतिर्विद पं.अजीत कमलनारायण शर्मा (शास्त्री) से..

Written by Tukeshwar Lodhi

आरंग :- इस साल अधिकमास के चलते रक्षाबंधन समेत कई व्रत-त्योहार कुछ देर से शुरू हो रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष रक्षाबंधन का त्योहार सावन पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहनों के आपसी प्रेम का प्रतीक है। रक्षाबंधन पर बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षाबंधन बांधती हैं। मुहूर्त शास्त्र के अनुसार रक्षाबंधन का त्योहार हमेशा भद्रा रहित काल में मनाना शुभ होता है। अगर रक्षाबंधन के दिन भद्रा होती है तो ऐसे में बहनों को अपने भाईयों की कलाई में राखी नहीं बांधनी चाहिए। भद्रा की समाप्ति के बाद ही राखी बांधना चाहिए। इस बार रक्षा बंधन की डेट को लेकर कुछ मतभेद है। दरअसल इस वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि पर भद्रा का साया रहने के कारण रक्षाबंधन 30 और 31 अगस्त को मनाने को लेकर कंफ्यूजन बना हुआ है। आरंग के ज्योतिर्विद पं. अजीत कमलनारायण शर्मा (शास्त्री) ने इसबार रक्षाबंधन पर्व को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि हर बार रक्षाबंधन पर्व में भद्रा काल के कारण जन सामान्य को इस त्यौहार को मनाने में समस्या आती ही है और जनसामान्य में भद्राकाल को दो पर्व में विशेष रूप से त्यज्य माना जाता है – श्रावणी और फाल्गुनी में।

भद्रा विचार :-

इस बार दिनाँक 30/08/2023 को 10 बजे से पूर्णिमा लग रही है । पूर्णिमा के पूर्वार्ध में भद्रा होती ही है ये सभी को विदित है। अब चंद्रमा पे ध्यान दिया जाए तो वह कुंभ राशि में संचार कर रहे हैं पूर्णिमा वाले दिन और ज्योतिषशास्त्र के “मुहूर्त चिंतामणि” ग्रन्थ अनुसार चंद्रमा के कुंभ,कर्क,सिंह तथा मीन राशि में होने पर भद्रा पृथ्वी लोक में होती है।

“कुम्भकर्कद्वये मर्तये स्वर्गेsब्जेsजात्रये।
स्त्रीधनुर्जुकनक्रेsधो भद्रा तत्रैव तत फलं।।”(मु.चि. श्लोक-४५)

इस वर्ष भद्रा कुम्भ राशि में गोचर कर रही है अतः यह भद्रा पृथ्वीलोक की होगी इसके साथ इस दौरान कुंभ राशि में शनि और चंद्रमा विराजमान होंगे और ये हमारे लिए घातक होती है।

भद्रा काल :-

भद्रा पूंछ: 30 अगस्त की शाम 05:30 बजे से शाम 06:31 बजे तक
भद्रा मुख: 30 अगस्त 2023 की शाम 06:31 बजे से रात 08:11 बजे तक
भद्रा समाप्ति समय: 30 अगस्त 2023 की रात 09 बजकर 03 मिनट पर।
रक्षाबंधन के दिन शुभ मुहूर्त में सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन सुकर्मा योग 30 अगस्त रात्रि 09 बजकर 33 मिनट से 31 अगस्त शाम 05 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। वहीं इस दिन शुभ मुहूर्त में गिना जाने वाला शतभिषा नक्षत्र का भी निर्माण हो रहा है जो 30 अगस्त रात्रि 08 बजकर 47 मिनट से 31 अगस्त शाम 05 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। कई विद्वानों के अनुसार रात्रिकालीन इस त्यौहार को नही मनाना चाहिए अतः 31 अगस्त 2023 के दिन ही रक्षाबंधन पर्व मनाना अच्छा होगा आगे जनसामान्य की इच्छा।

राशियों पर होने वाले प्रभाव :-

इस बार का रक्षाबंधन कुछ राशियों पर बड़े शुभ फलदायक होने वाला है उन राशियों का फल इसप्रकार है –

मेष राशि :-

रक्षाबंधन का दिन मेष राशि के जातकों के लिए काफी खास होने वाला है। इस राशि के जातकों को परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे। व्यापार में भी तेजी आएगी। ऐसे में धन लाभ के साथ तरक्की मिलेगी। आय के नए स्त्रोत खुलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति के साथ इंक्रीमेंट हो सकता है। परिवार में खुशियां आएगी।

कन्या राशि :-

कन्या राशि के जातकों को भी अपार सफलता मिल सकती है। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी अपार लाभ मिलेगा। समाज में मान-सम्मान की बढ़ोतरी होगी। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। घर में लंबे समय से चला रहा विवाद भी समाप्त होगा।

मकर राशि :-

इस राशि के जातकों को भी नौकरी में अपार सफलता मिलने के साथ पदोन्नति मिल सकती है। इसके साथ ही कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसलिए अपनी लगन के साथ उसे पूरा करने की कोशिश करें। व्यापार में भी लाभ मिलने वाला है।

मीन राशि :-

मीन राशि के जातकों को धन लाभ हो सकता है। बिजनेस में भी मुनाफा मिल सकता है। अगर कोई व्यापार की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह समय काफी अच्छा है, क्योंकि उस काम में सफलता के साथ धन लाभ हो सकता है। वैवाहिक जीवन में भी खुशियां ही खुशियां आएगी।

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Tukeshwar Lodhi