रायपुर। केंद्रीय पेट्रो रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सिपेट: आईपीटी रायपुर) ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (एसयूडीए) छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से 6 और 7 अगस्त को ‘प्लास्टिक रीसाइक्लिंग और अपशिष्ट प्रबंधन’ पर दो दिवसीय कौशल उन्नयन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबीए) में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को अधिक कुशल और वैज्ञानिक बनाना रहा।
छत्तीसगढ़ के 50 नगर निगमों के अधिकारियों
ने किया उरला क्षेत्र का औद्योगिक भ्रमण
दो दिनों की इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के 50 नगर निगमों के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, रीसाइक्लिंग तकनीकों, टिकाऊ विकल्पों, कचरा पृथक्करण, कार्यस्थल सुरक्षा और इस क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं पर सैद्धांतिक-व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। पहले दिन विशेषज्ञों ने प्लास्टिक कचरे से जुड़ी चुनौतियों और व्यवस्थित संग्रह के अवसरों पर विस्तृत चर्चा की। सस्मिता मिश्रा और एन. रवींद्र रेड्डी ने शहरी कचरे में प्लास्टिक सामग्री की पहचान और उनके पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की जानकारी दी। साथ ही, प्रसिद्ध उद्यमी ऋषि टंडन ने इस क्षेत्र में आजीविका के अवसरों पर प्रकाश डाला। प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव के लिए सिपेट के टेस्टिंग विभाग और छत्तीसगढ़ प्लास्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड उरला का औद्योगिक दौरा भी कराया गया।
रीसाइक्लिंग तकनीकों पर दी गई जानकारी
दूसरे दिन तकनीकी सत्रों में रीसाइक्लिंग तकनीकों पर एस. पृथ्वी राज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर एनआईटी रायपुर के शोधार्थी हरि नागा प्रसाद चेन्ना और व्यावसायिक स्वास्थ्य व सुरक्षा पर एनआईटी रायपुर की मेडिकल आॅफिसर डॉ. सौम्या अग्रवाल ने व्याख्यान दिए। एमएसएमई-रायपुर के सहायक निदेशक दामोदर बेहेरा ने इस क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करने के लिए सरकारी सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी (एसयूडीए) सुमित अग्रवाल, नगर निगम बीरगांव के आयुक्त युगल किशोर उर्वाशा ने सिपेट का दौरा किया। उन्होंने संस्थान की उन्नत सुविधाओं और प्रशिक्षण स्तर की सराहना की। सुमित अग्रवाल ने नगरीय निकायों के तकनीकी क्षमता निर्माण पर जोर देते कहा कि भविष्य में सूडा और सिपेट मिलकर ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
समापन सत्र में सिपेट रायपुर के प्रधान निदेशक व प्रमुख डॉ. आलोक साहू ने सभी अतिथियों का आभार माना। कार्यक्रम के आखिर में आयुक्त उर्वाशा ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।



