जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
पार्टी नेताओं ने कहा- देवी पंडालों, गरबा स्थलों में अमर्यादित आचरण पर रोक लगाई जाए
रायपुर। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने क्वांर नवरात्रि महापर्व पर छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति, कला, नृत्य, पारंपरिक आयोजनों को प्राथमिकता व संरक्षण देने की मांग उठाई है। इस संदर्भ में मंगलवार को इस क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी द्वारा जिला प्रशासन रायपुर को एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के देवी पंडालों एवं अन्य सार्वजनिक आयोजन स्थलों में गरबा के दौरान शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने और अशोभनीय, अमर्यादित आचरण पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई है।
इस दौरान पार्टी की महिला नेताओं ने ज्ञापन माध्यम से यह मांग भी की कि नवरात्रि पर्व के दौरान छत्तीसगढ़ी सुवा नृत्य, लोक परंपरा, पचरा, जसगीत, झांकी जैसे पारंपरिक आयोजनों को प्राथमिकता देकर इन पंरपराओं को संरक्षण व प्रोत्साहन दिया जाए। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार ध्वनि प्रदूषण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और डीजे व ध्वनि विस्तारक यंत्रों के अनियमित उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की भी मांगें की गर्इं। पार्टी की ओर से इन मांगों का अनुपालन सुनिश्चित कराने संस्कृति विभाग को भी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इस दौरान पार्टी की महिला नेताओं व कार्यकर्ताओं ने कहा कि भोजली, कर्मा, सुवा आदि ये छत्तीसगढ़ी लोक परंपराएं राज्य की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। इन स्थानीय लोक परंपराओं व संस्कृति को प्राथमिकता और संरक्षण मिलना आवश्यक है।