तकनीकी रेल विषयों पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन को मिलेगा सम्मान एवं नकद पुरस्कार
रायपुर-21अगस्त। रेल मंत्रालय, रेलवे बोर्ड द्वारा रेलों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ-साथ आम भारतीय नागरिकों में तकनीकी रेल विषयों पर हिंदी में मौलिक पुस्तक लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘लाल बहादुर शास्त्री तकनीकी मौलिक लेखन पुरस्कार योजना–2025’ लागू की गई है। योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट मौलिक पुस्तकों का चयन कर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
योजना के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार ₹20,000/-, द्वितीय पुरस्कार ₹10,000/- तथा तृतीय पुरस्कार ₹7,000/- एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाएगा। योजना का उद्देश्य तकनीकी रेल विषयों पर हिंदी में अधिकाधिक मौलिक साहित्य उपलब्ध कराने तथा लेखकों की साहित्यिक एवं तकनीकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है।
पात्रता एवं प्रमुख शर्तें:
- प्रस्तुत पुस्तक पूर्णतः मौलिक होनी चाहिए। अन्य भाषा से अनूदित, संपादित अथवा इंटरनेट से डाउनलोड/कॉपी की गई पुस्तकों पर विचार नहीं किया जाएगा।
- पुस्तक का विषय रेल संचालन, रेल प्रबंधन अथवा भारतीय रेल से संबंधित अन्य तकनीकी विषयों पर आधारित होना चाहिए।
- वर्ष 2025 के लिए पुस्तक का लेखन अथवा प्रकाशन कार्य 01 जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच पूर्ण हुआ होना चाहिए।
पुस्तक कम से कम 100 पृष्ठों की होनी चाहिए तथा फॉन्ट का आकार 12 से अधिक नहीं होना चाहिए। - भारत सरकार, राज्य सरकार अथवा संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन की किसी योजना के अंतर्गत पूर्व में पुरस्कृत पुस्तक को इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
- इस योजना में पहले प्रस्तुत की जा चुकी पुस्तक को पुनः प्रस्तुत नहीं किया जा सकेगा।
प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक प्रतिभागी अपनी पुस्तक/कृति की 02 मुद्रित अथवा टंकित प्रतियों के साथ निर्धारित आवेदन प्रपत्र एवं घोषणा-पत्र में अपेक्षित जानकारी भरकर निदेशक, राजभाषा, कक्ष संख्या-376 (जी), रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), रेल भवन, नई दिल्ली–110001 के पते पर भेज सकते हैं। निर्धारित अंतिम तिथि के बाद प्राप्त प्रविष्टियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
रेल प्रशासन ने तकनीकी विशेषज्ञों, साहित्यकारों, रेलकर्मियों, सेवानिवृत्त रेलकर्मियों तथा हिंदी में तकनीकी लेखन में रुचि रखने वाले सभी पात्र भारतीय नागरिकों से इस प्रतिष्ठित पुरस्कार योजना में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया है। यह पहल हिंदी में तकनीकी साहित्य के विकास तथा भारतीय रेल से संबंधित ज्ञान एवं अनुभव को व्यापक रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।



