0 अगर जीवन में अभाव नहीं होगा तो भगवान के प्रति हमारा भाव नहीं होगा
0 प्रेम शैतान को भी इंसान बना देता और पत्थर को भगवान
रायपुर। मैक कॉलेज आॅडिटोरियम में श्रीराम कथा के तीसरे दिन संतश्री शंभूशरण लाटा महाराज ने कहा, जिस पर ईश्वर की कृपा होती है उसको सत्संग सुनने का मौका मिलता है। संतों का समागम और भगवान की कृपा बहुत कम लोगों को मिलती है। हम और आप को चलाने वाले भगवान हैं। चमत्कार से कुछ नहीं होता यह सब जानते हंै फिर भी उसके चक्कर में फंस जाते हैं। सबसे खतरनाक कोई चीज है तो वह है अहंकार, आदमी इसके चक्कर में आ जाता है तो उसे सुख की प्राप्ति कभी नहीं हो सकती है। रावण को भी ‘मैं’ ने ही मार डाला। प्रेम शैतान को भी इंसान बना देता है और पत्थर को भगवान।
उन्होंने कहा कि हमें भजन के लिए समय निकलना जरूरी है, क्योंकि जब तक जिंदगी है तब तक भजन करो। पुराने जमाने के लोग अभी भी माला लेकर जाप करते हैं लेकिन आज के लोग वह सब भूल गए हैं। जो भजन करते हैं उनका पिछला जन्म अच्छा रहा होगा क्योंकि इस जन्म में भजन कर लें यह सरल नहीं है। आज अगर आप वन में नहीं जा सकते हैं तो घर में ऐसी व्यवस्था करिए की वहां भजन कर सको। घर में बैठकर पाठ कर सकते हैं लेकिन कथा नहीं। यह सच्चाई है।

लाटा महाराज ने कहा कि मेरे से मांग लो यह कहने वाले संसार में बहुत मिलेंगे, लेकिन मेरे को मांग लो यह कहने वाला कोई नहीं मिलेगा, सिर्फ भगवान को छोड़कर। इसलिए तो भगवान बहुत दयालु हैं। चमत्कार से कुछ नहीं होता यह सब जानते हंै फिर भी उसके चक्कर में फंस जाते हैं। जैसी भक्ति रावण ने की है आज के लोग वैसी भक्ति नहीं कर सकते क्योंकि उन्होंने सिर काट-काटकर भगवान शंकर के चरणों में चढ़ा दिया था। सबसे खतरनाक कोई चीज है तो वह है अहंकार। आदमी इसके चक्कर में आ जाता है तो उसे सुख की प्राप्ति कभी नहीं हो सकती है। रावण को भी ‘मैं’ ने मार डाला। आज के इंसान के पास बड़ी-बड़ी डिग्री होने के बाद भी धैर्य की कमी है। भगवान शिव ने हमें बहुत अच्छी शिक्षा दी है जब कोई व्यक्ति बोल रहा हो तो हमें चुप रहना चाहिए लेकिन कई लोग चुप रहना पसंद नहीं करते हंै। उन्होंने आगे कहा, भगवान पहले किसी उद्देश्य को लेकर अवतार लिया करते थे लेकिन आजकल हम लोग उन्हें हर चीज में सहयोग करने के लिए अवतार लेने के लिए बोलते हंै। कथा करवाने वाले का नाम तो बहुत लोग लेते हैं लेकिन कथा में सहयोग करने वालों का नाम कोई नहीं लेता है और उन पर भगवान की कृपा बहुत होती है इसलिए हमें जितना हो सके उतना सहयोग करना चाहिए। अगर जीवन में अभाव नहीं होगा तो भगवान के प्रति हमारा भाव नहीं होगा इसलिए अभाव का होना जरूरी है। अभाव ही हमको भगवान के प्रति भाव पैदा कराता है।



