छत्तीसगढ़ • रायपुर

दिल्ली से लौटे राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के नेताओं का रायपुर एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत

फूल-मालाओं और गाजे-बाजे के साथ समाजजनों ने किया जोरदार अभिनंदन

शिक्षा और संगठन बनेगी गांड़ा समाज की सबसे बड़ी ताकत — भगवानू नायक

“गांव से महानगर तक समाज को एक सूत्र में जोड़ना हमारा लक्ष्य” — बनमाली छुरा

“युवा शक्ति बनेगी सामाजिक परिवर्तन की ताकत” — आशीष तांडी

रायपुर, छत्तीसगढ़, दिनांक 22 सितंबर 2026 । दिल्ली प्रवास के बाद राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक, राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा एवं राष्ट्रीय युवा प्रभारी आशीष तांडी आज रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर समाज के लोगों ने तीनों सामाजिक नेताओं का फूल-मालाओं से लादकर एवं गाजे-बाजे के साथ उत्साहपूर्वक भव्य स्वागत किया। दिल्ली में राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज की संगठनात्मक गतिविधियों तथा गांड़ा समाज के जाति प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न सामाजिक एवं संवैधानिक मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने के बाद रायपुर लौटे पदाधिकारियों के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में समाजजन एवं युवा एयरपोर्ट पहुंचे। समाजजनों ने पुष्पमालाओं के साथ तीनों पदाधिकारियों का अभिनंदन किया। इस दौरान सामाजिक एकता, शिक्षा, संगठन और समाज के स्वाभिमान को मजबूत करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने समाजजनों के स्नेह और स्वागत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज की स्थापना किसी व्यक्ति या पद के लिए नहीं, बल्कि देशभर में निवासरत गांड़ा समाज को एक मजबूत सामाजिक मंच पर संगठित करने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा हमारा सपना है कि गांड़ा समाज का कोई बच्चा गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे, कोई युवा अवसर के अभाव में पीछे न रहे और कोई परिवार अपनी सामाजिक पहचान तथा संवैधानिक अधिकारों के लिए भटकने को मजबूर न हो। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने हमें शिक्षा, संगठन और संघर्ष का मार्ग दिखाया है। उसी संवैधानिक रास्ते पर चलकर हम समाज को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा शिक्षा और संगठन हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। राष्ट्रीय प्रभारी बनमाली छुरा ने कहा कि दिल्ली प्रवास ने संगठन को नई ऊर्जा दी है। अब संगठन का अगला लक्ष्य विभिन्न राज्यों में रहने वाले समाज के लोगों से संपर्क स्थापित कर राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। गांड़ा समाज के लोग अलग-अलग राज्यों, शहरों और गांवों में रहते हैं। दूरी के कारण हमारी ताकत बिखरी हुई दिखाई देती है। राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज इस दूरी को समाप्त कर समाज को एक सूत्र में बांधने का प्रयास करेगा। छत्तीसगढ़ से शुरू हुई सामाजिक एकता की यह आवाज देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचेगी।”

राष्ट्रीय युवा प्रभारी आशीष तांडी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कलम, किताब और नेतृत्व युवाओं के हाथ में होगा”।किसी भी समाज का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी तय करती है। राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज युवाओं को केवल कार्यक्रमों की भीड़ का हिस्सा नहीं, बल्कि सामाजिक नेतृत्व का भागीदार बनाना चाहता है। उन्होंने कहा हमारी युवा पीढ़ी पढ़ेगी, प्रतियोगी परीक्षाओं में आगे बढ़ेगी, कानून और संविधान को समझेगी तथा समाज के जरूरतमंद लोगों की मदद करेगी। हमारा प्रयास गांव-गांव में शिक्षित और जागरूक युवाओं की ऐसी टीम तैयार करना है जो समाज को नई दिशा दे सके।”

दिल्ली प्रवास के बाद संगठन विस्तार पर जोर राष्ट्रीय गांड़ा

महासमाज के पदाधिकारियों ने बताया कि दिल्ली प्रवास के दौरान संगठन विस्तार के साथ समाज से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। गांड़ा समाज के पात्र परिवारों को जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के संबंध में राष्ट्रपति कार्यालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया। संगठन ने कहा कि उसका प्रयास सामाजिक समस्याओं को केवल मंच और भाषण तक सीमित रखने के बजाय संबंधित संवैधानिक संस्थाओं एवं शासन-प्रशासन के समक्ष तथ्यात्मक एवं कानूनी आधार पर रखने का है।

आज एयरपोर्ट पहुंचकर राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज स्वागत करने वालों में से प्रमुख रूप से गांड़ा सेना अध्यक्ष भागीरथी नायक, सुशांत दुर्गा, अधिवक्ता कैलाश हरपाल, गोपाल कुम्भार, प्रीतम तांडी, रिकी मोहन बाघ, जितेंद्र नायक, पुरोहित क्षेत्रीय, बबलू महानंद, अजय कुमार, संतोष क्षत्रि, जयलाल नायक, अन्नू कुमार राणा, मनोज सोना, बिट्टू क्षत्रि,अधिवक्ता पारस नायक, देवाशीष नायक, प्रमिला तांडी, गीता दुर्गा, सपना महानंद, कविता नायक, प्रतिभा दीप, मुक्ता, मोगरा निहाल, पूर्णिमा बघेल सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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