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राहुल गांधी, पप्पू यादव और अखिलेश प्रसाद माफी मांगें, वरना कानूनी कार्रवाई: महंत राम रूप दास महात्यागी

 

धर्म स्तंभ काउंसिल और संत समाज का बड़ा ऐलान 11 अगस्त को सिविल लाइन थाना पहुंचेगा संत समाज, तीनों नेताओं के खिलाफ FIR

दूधाधारी मठ में जुटेंगे कल प्रदेश भर से अखाड़ा के साधु संत महंत:धर्म स्तंभ काउंसिल

 

रायपुर। राम मंदिर में हुई चंदा चोरी की घटना को लेकर संतों का वेश धारण कर संसद में सनातन संत समाज को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए संत समाज में तीखा आक्रोश उभर आया है,अखिल भारतीय संत समाज और धर्म स्तंभ कौंसिल के आह्वान पर रायपुर में संत समाज ने एक स्वर में कहा यह एक व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल का विषय नहीं, बल्कि संत परंपरा, सनातन संस्कृति और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के सम्मान का प्रश्न बताया है।

अखिल भारतीय संत समाज के प्रदेश अध्यक्ष रामरूप दास महात्यागी जी ने कहा कि संतों का भगवा वेश केवल वस्त्र नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सनातन परंपरा का प्रतीक है,किसी आपराधिक घटना को संतों के सिर मढ़ने के लिए संत वेश का इस्तेमाल करना अत्यंत गंभीर विषय है,उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने इस प्रकार की टिप्पणी या प्रस्तुति के माध्यम से संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई है, उन्हें संपूर्ण संत समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

महामंत्री राधेश्याम दास जी ने कहा कि संत समाज समाज को जोड़ने, संस्कार देने और धर्म की रक्षा करने का काम करता है,राजनीतिक बयानबाजी के लिए संतों की छवि को निशाना बनाना स्वीकार नहीं किया जाएगा,उन्होंने कहा कि संत समाज इस मामले में शांतिपूर्ण लेकिन कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से निर्णायक लड़ाई लड़ेगा।

धर्म स्तंभ काउंसिल के सभापति डॉ. सौरव निर्वाणी ने कहा कि चोरी करने वाले मंदिर के कर्मचारी और स्वांग रचा जा रहा संतों के भेष में यह संत समाज का अपमान है जान बुझकर सनातन को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा गया है इसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा
संतों ने सदियों से समाज को धर्म, संस्कार, त्याग और सेवा का मार्ग दिखाया है,राजनीतिक विरोध के लिए संतों के वेश और सनातन परंपरा को बदनाम करना करोड़ों सनातनियों की आस्था को आहत करने वाला कृत्य है।”
डॉ निर्वाणी ने कहा कि धर्म स्तंभ काउंसिल संत समाज के साथ पूरे मामले को कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से उठाएगी।

सिविल लाइन थाने में FIR करेंगे प्रदेश के संत

डॉ. निर्वाणी ने बताया कि संत समाज और धर्म स्तंभ काउंसिल के प्रतिनिधि 11 अगस्त को रायपुर के सिविल लाइन थाने पहुंचकर राहुल गांधी, पप्पू यादव और अखिलेश प्रसाद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने तथा FIR की मांग करेंगे।

राम जानकी मंदिर के महंत सुरेंद्र दास ने कहा कि संत समाज की धार्मिक भावनाओं और गरिमा को ठेस पहुंचाने तथा संतों को बदनाम करने के आरोपों की जांच की मांग की जाएगी।

माफी मांगना ही होगा

संत समाज ने स्पष्ट किया है कि संबंधित नेताओं को अपने कथित बयानों प्रस्तुति को लेकर पूरे संत समाज से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए,संत प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि बिना शर्त माफी नहीं मांगी जाती है तो लोकतांत्रिक और कानूनी माध्यम से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

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मीडिया एमपीसीजी