वेदांता सोसाइटी ऑफ जापान के अध्यक्ष स्वामी मेधसानन्द महाराज का रायपुर प्रवास
रायपुर। रामकृष्ण मिशन विवेकानन्द आश्रम रायपुर के तत्वावधान में आयोजित प्रवचन सभा में वेदांता सोसाइटी ऑफ जापान के अध्यक्ष स्वामी मेधसानन्द महाराज ने जापान में वेदांत का प्रसार और प्रभाव पर व्याख्यान देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द का जापान के प्रति गहरा सम्मान था और वहां के लोगों के लिए वे कुछ करना चाहते थे। इसी दृष्टिकोण से उन्होंने सन्1959 में वेदांता सोसाइटी ऑफ जापान की स्थापना की, जो बाद में रामकृष्ण मठ से जुड़ी।
महाराजश्री ने जापान में निवासरत रहते हुए अपने 30 वर्षों का अनुभव भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वहां के लोगों की देशभक्ति, अनुशासन, स्वच्छता और 2011 की सुनामी जैसी आपदाओं के दौरान प्रतिरोध क्षमता की प्रशंसा की। महाराज ने बताया कि जापान में भौतिक समृद्धि होने के बावजूद भी वहां के लोग विश्वास की कमी और मानसिक शांति के अभाव को एक बड़ी समस्या मानते हैं। उनका कहना है कि भौतिक प्रगति के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान का संतुलन होना भी आवश्यक है।
वेदांत का सार्वभौमिक संदेश देते उन्होंने कहा कि वेदांत को वे अन्य धार्मिक समूहों से अलग कहते हुए इसकी समावेशिता और सार्वभौमिकता पर जोर देते हैं। वे यही मुख्य दर्शन समझाते रहे हैं कि सत्य एक है, लेकिन विद्वान उसे अलग-अलग नामों से पुकारते हैं। महाराजश्री ने भारत के लिए मार्गदर्शन देते हुए कहा कि यह प्रवचन भारत के लिए भी चेतावनी है कि वह केवल भौतिकतावाद की ओर न बढ़े, बल्कि विकास के साथ-साथ अपनी भारतीयता को भी बचाये। इस अवसर पर आश्रम के सचिव स्वामी योगस्थानन्द महाराज व अन्य संन्यासी गण, श्रद्धालु एवं आश्रम के छात्र उपस्थित थे।