रायपुर। श्रीशांति कल्याण चातुर्मास समिति तत्वावधान में गतिमान चातुर्मास के अंतर्गत आम्रपाली स्थित उपाश्रय में आचार्यश्री विजय योगतिलक महाराज के शिष्य मुनिराज शांततिलक विजय महाराज एवं शिष्य संत व साध्वी मंडल की पावन निश्रा में नवकार जाप का 34वां आयोजन किया गया। नवकार जाप ग्रुप के वीरेंद्र डागा ने बताया, जाप के पश्चात धर्म सभा को संबोधित करते हुए मुनिराज ने कहा कि दुख का कारण पाप कारी प्रवृत्ति है। उन्होंने नवकार की महत्ता को परिभाषित करते कहा, मनुष्य के जन्म के समय मोक्ष प्राप्ति के मार्ग को बताने व मृत्यु के समय अगले भव को तारने के मार्ग का स्मरण कराने नवकार का सुमिरन कराया जाता है। इस जाप में विशेष रूप से आशीष जैन, राजेंद्र पारख, वीरेंद्र डागा, अनिल बरडिया, अशोक सुराणा, कमलेश ललवानी, मनोज पारख, मल्लीचंद बैद, निकुंज साचला, निर्मला भंडारी, सोनल बरडिया, वर्षा डागा की सहभागिता रही।