युवा महापुरुषों के त्याग व नैतिक मूल्यों को आत्मसात करें: उपासने
रायपुर। लोकतंत्र सेनानी संघ व लोकतंत्र प्रहरी ने लोकनायक जय प्रकाश नारायण व नानाजी देशमुख का जयंती समारोह गरिमामय वातावरण मनाया। लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने इस अवसर पर कहा, भारत रत्न लोकनायक जयप्रकाश नारायण, नानाजी देशमुख भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को जीवित रखने वाले अमर सेनानी रहे। यही कारण है कि जब आपातकाल के काले अध्याय के दौरान जब देश का लोकतांत्रिक ताना-बाना खतरे में था, तब उन्होंने सरकार के खिलाफ ‘सिंहासन खाली करो की जनता आती है’ का शंखनाथ कर इंदिरा गांधी की तानाशाही सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार पंकज झा ने कहा, जेपी का संपूर्ण आंदोलन व संघर्ष विशुद्ध रूप से राष्ट्रहित में था। उन्होंने सत्ता की मनमानी के विरुद्ध संपूर्ण क्रांति का शंखनाद कर देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा की राजनीति से ऊपर उठकर उनका ग्राम विकास व अंत्योदय आज भी प्रासंगिक है।
समारोह के अध्यक्ष वरिष्ठ भाजपा नेता सुरेंद्र पाटनी ने कहा, जयप्रकाश का संदेश था,‘कुर्सी कितनी भी बड़ी क्यों ना हो वह जनता से बड़ी नहीं हो सकती।’ पाटनी ने कहा कि जयप्रकाश नारायण ने आजादी की पहली लड़ाई व आजादी की पहली व दूसरी लड़ाई का नेतृत्व किया पर सत्ता से स्वयं को दूर रखा। जन सेवा की भूमिका निभाई तभी वे लोकनायक बन सके।
कार्यक्रम में सेनानी संघ के प्रदेश महामंत्री असित भट्टाचार्य, जिला अध्यक्ष सुभाष देशपांडे, लोकतंत्र सेनानी प्रदेश मीडिया प्रभारी आलोक श्रीवास्तव, प्रदेश अध्यक्ष विशाल राजहंस, नारी शक्ति प्रदेश अध्यक्ष सीमा शर्मा, नरेंद्र शर्मा, बसंत, शशांक शुक्ला, कमल रंधावा, अर्चना बोरा, बरखा गुप्ता, रिमझिम गुप्ता, गायत्री साहू, नरेंद्र यादव, दीपाली चौधरी, सोनू जैन, शिव प्रकाश तिवारी, ज्योति जंघेल सहित बड़ी मात्रा में प्रबुद्ध जन व नारी शक्तियां उपस्थित थीं।