प्रकाश कुंज में बड़ी संख्या में जुटे कबीर पंथ के अनुयायी
रायपुर। भादो पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रकाश कुंज, कटोरा तालाब, रायपुर में वंश गुरु गद्दी स्थापना दिवस एवं भादो पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में कबीर पंथ के अनुयायी एवं श्रद्धालु शामिल हुए।
कबीर साहेब के ग्रंथों में उल्लेख है
“धर्मदास गुरु बंदन कीन्हा, साहब शब्द नाम जो दीन्हा। संवत पन्द्रह सौ चालीसा, भादो शुक्ल पक्ष दिन तीसा। पूरणमासी पूर्ण कहाई, गुरुबासर गुरुवाई पाई। धर्मदास कहँ कीन्ह निहाला, गुरुवाई दई आप दयाला। कहैं कबीर धर्मदास सों, हम तुम दूजा नाहिं। शब्द विवेक विचार कर, जो देखा घट माहिं।”
कबीर पंथ की मान्यता के अनुसार विक्रम संवत 1540, भादो पूर्णिमा के पावन अवसर पर सद्गुरु कबीर साहब द्वारा गुरु धनी धर्मदास जी साहब को गुरुवाई प्रदान कर वंश बयालीस का आशीर्वाद दिया गया इसी पावन परंपरा की स्मृति में प्रतिवर्ष विगत 40 वर्षों से वंश गुरु गद्दी स्थापना दिवस का आयोजन प्रकाश कुंज कटोरा तालाब रायपुर श्रद्धापूर्वक किया जाता रहा है
कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु महिमा पाठ से हुआ। तत्पश्चात वंश गुरु गद्दी के 16वें वंशाचार्य पंथ उदित मुनि नाम साहब ने सद्गुरु कबीर साहब की आरती कर आसन ग्रहण किया। इसके बाद बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर पंथ श्री के दर्शन एवं बंदगी का लाभ लिया।
दोपहर पश्चात 15वें वंशाचार्य पंथ हुजूर प्रकाशमुनि नाम साहेब भी मंच पर आसीन हुए। उनके सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने गुरु दर्शन लाभ लिया।
पूरे आयोजन के दौरान महंत राजू साहेब के कबीर भजन गायन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं के लिए विशाल भोजन भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें हजारों संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। यह महोत्सव गुरु-शिष्य परंपरा, भक्ति, सद्भाव एवं कबीर साहब के मानवतावादी संदेश का जीवंत प्रतीक बना। व्यवस्थापक के रूप में सद्गुरु कबीर धर्मदास वंशावली सेवा समिति, आमीन माता महिला मंडल एवं युवक मंडल का विशेष योगदान रहा।