डॉ. अरुण कुमार सेन स्मृति संगीत समारोह का दूसरा दिन उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न
रायपुर। भातखंडे ललित कला शिक्षा समिति द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित डॉ. अरुण कुमार सेन स्मृति संगीत समारोह का दूसरा दिन, सोमवार 15 दिसंबर, रंग मंदिर प्रेक्षागृह, गांधी चौक, रायपुर में अत्यंत उल्लास, उत्साह एवं कलात्मक गरिमा के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ कमला देवी संगीत महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा किया गया। श्री तरेंद्र प्रसाद सेन के निर्देशन में प्रस्तुत देशभक्ति समूहगान ने पूरे सभागार को भावविभोर कर दिया। छात्राओं ने देशप्रेम से ओतप्रोत गीत प्रस्तुत किए।
हिंदी देशभक्ति गीत “प्यारा वतन, जान से प्यारा वतन, इसको नमन” तथा पारंपरिक छत्तीसगढ़ी गीत ने श्रोताओं में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में युवा कथक नृत्यांगना कुमारी इशिका गिरी ने रायगढ़ घराने की परंपरागत शैली में कथक नृत्य प्रस्तुत किया। उन्होंने ताल त्रिताल में आमद, तोड़े, टुकड़े, परन गतभाव तथा अंत में सशक्त तत्कार प्रस्तुत कर अपनी नृत्य परिपक्वता का उत्कृष्ट परिचय दिया, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहना दी।
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों के पश्चात छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा को मंच पर साकार किया गया।
श्री दिनेश जांगड़े के निर्देशन में आकार पंथी लोक नृत्य दल ने ऊर्जावान एवं जोशीले अंदाज़ में छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध पंथी नृत्य प्रस्तुत किया। दमदार ताल, गीत और सामूहिक नृत्य ने सभागार को लोक रंगों से सराबोर कर दिया।
इसी क्रम में दुष्यंत द्विवेदी द्वैपायन पंडवानी मंडली बालोद, द्वारा प्रस्तुत पंडवानी गायन ने कार्यक्रम को विशिष्ट ऊँचाई प्रदान की। महाभारत की कल्पनात्मक प्रसंगों पर आधारित पंडवानी प्रस्तुति में श्री दुष्यंत द्विवेदी ने अपने ओजपूर्ण गायन एवं भावाभिनय से श्रोताओं को कथा से जोड़े रखा और वातावरण को पूरी तरह बांध लिया।
दो दिवसीय इस स्मृति समारोह में भातखंडे ललित कला शिक्षा समिति के सदस्य, कमला देवी संगीत महाविद्यालय के समस्त शिक्षकगण, विद्यार्थी, कलाकार एवं बड़ी संख्या में संगीत-प्रेमी श्रोता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने शास्त्रीय, लोक एवं सृजनात्मक कलाओं के सुंदर समन्वय के साथ डॉ. अरुण कुमार सेन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

