रायपुर। विवेकानंद नगर स्थित श्रीज्ञानवल्लभ उपाश्रय में रविवार से नव दिवसीय शाश्वत नवपद ओली की आराधना शुरू हुई। मुनिश्री संवेगरत्न सागर महाराज एवं मुनिगणों की पावन निश्रा में 9 दिनों तक धर्म,ध्यान,भक्ति,जप-तप आराधना का क्रम अविरल जारी रहेगा। धर्मसभा में मुनिश्री ने नवपद ओली का महत्व समझाते हुए कहा कि नवपद जिन शासन का सार है। ये आराधना साल में दो बार चैत्र और आसोज माह में की जाती है। 9 पद ओली के प्रथम दिवस अरिहंत पद अर्थात् अरिहंत परमात्मा की आराधना, जप और तप किया जाता है। चातुर्मास समिति के महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया, प्रथम दिवस धर्मसभा में मुनिश्री की वाणी से श्रावक-श्राविकाओं ने श्रीपाल महाराजा और मयना सुंदरी के चारित्र्य की कथा का श्रवण कि किस तरह से दोनों ने सिद्ध चक्र की आराधना कर मोक्ष को पाया था।
9 दिनों तक होगा आयम्बिल तप
नवपद ओली के 9 दिवस आयम्बिल तप किया जा रहा है। जिसमें एक समय, एक स्थान पर बैठकर भोजन ग्रहण किया जाता है। प्रथम दिवस अरिहंत परमात्मा की आराधना के साथ ही सफेद धान से बनी खाद्य सामग्री का सेवन किया गया। सफेद रंग परमात्मा का है इसलिए आज सफेद अर्थात् चावल के खाद्य पदार्थ ग्रहण किए गए। केवल एक धान ग्रहण किया जाता है। 6 विघय में तेल, घी, दूध, दही, मक्खन, शक्कर का त्याग रहता है। बगैर तेल, मसाला, खटाई के सादा भोजन ही ग्रहण किया जाता है।