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विशाल भंडारे के साथ आत्म साक्षात्कार दिवस का शुभारंभ

शनिवार को सामूहिक श्राद्ध और रविवार को भव्य हरि नाम संकीर्तन यात्रा

लव कुश वाटिका आश्रम वी आई पी रोड में सोमवार को मनाया जाएगा मुख्य भव्य आत्म साक्षात्कार दिवस

रायपुर। श्रीयोग वेदांत सेवा समिति, लव कुश वाटिका आश्रम वीआईपी रोड में गुरुदेव के 62वें आत्म साक्षात्कार दिवस महोत्सव के उपलक्ष्य में भव्य सेवा एवं सत्संग कार्यक्रमों का आयोजन जारी है।

सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोपरि है और आत्म साक्षात्कार दिवस उस गुरु की ब्रह्मनिष्ठता का प्रतीक है। इसी दिव्य परंपरा में गुरुदेव के 62वें आत्म साक्षात्कार दिवस महोत्सव को ऐतिहासिक रूप से मनाने के लिए सेवा, साधना और लोक-कल्याणकारी कार्यक्रमों की श्रृंखला चल रही है। यह महोत्सव सेवा के माध्यम से मनाया जा रहा है।

इस पावन अवसर पर सेवा कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को दोपहर 12 बजे स्तंभ चौक में विशाल भंडारा व प्रसादी वितरण से हुई। इसमें हजारों जरूरतमंदों, राहगीरों और श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी ग्रहण की।

श्रीयोग वेदांत सेवा समिति रायपुर के मीडिया सेवक अजय कुमार शर्मा ने बताया, शनिवार, 10 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से आश्रम परिसर में सामूहिक श्राद्ध का आयोजन होगा। सनातन धर्म में पितरों के कल्याण हेतु श्राद्ध का विशेष महत्व है और गुरुदेवश्री बापूजी द्वारा बताई गई 7 शुद्धियों के साथ यह श्राद्ध संपन्न कराया जायेगा, जिससे पितरों को सद्गति प्राप्त हो।

इसी कड़ी में 11 अक्टूबर, रविवार को दोपहर 3 बजे सुभाष स्टेडियम से भव्य हरि नाम संकीर्तन यात्रा  प्रारम्भ होकर नगर भ्रमण करते हुए पुनः सुभाष स्टेडियम पर समाप्त होगी। इस यात्रा में सैकड़ों साधक हरि नाम का घोष करते हुए, नशामुक्ति, गौ-रक्षा और सनातन संस्कृति के जागरण का संदेश देंगे।

वहीं मुख्य आत्म साक्षात्कार दिवस उत्सव 12 अक्टूबर, सोमवार को सुबह 10:30 बजे लव कुश वाटिका आश्रम, श्रीराम मंदिर मार्ग में मनाया जायेगा। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना, प्रार्थना, श्रीगुरु महिमा पाठ, श्रीपादुका पूजन व मानस पूजन सत्संग से होगी। तत्पश्चात आत्म साक्षात्कार दिवस उत्सव, दीप प्रज्वलन, महा-आरती, प्रसाद वितरण और भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन होगा।

आश्रम संचालक रामा भाई ने बताया कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य परम्परा के दिव्य ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने का माध्यम है। पूज्य बापूजी के 62 वर्षों के आत्म-साक्षात्कारी अनुभव से लाखों लोगों ने व्यसन छोड़े, परिवार टूटने से बचे और अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर हुए।

रायपुर आश्रम की ओर से सभी धर्मप्रेमी जनता, भक्तों और नगरवासियों से इन कार्यक्रमों में सपरिवार सहभागी हो पुण्यलाभ अर्जित करने की हार्दिक अपील की गई है।

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मीडिया एमपीसीजी