छत्तीसगढ़ • रायपुर

शादी-विवाह में फिजूलखर्ची पर गांड़ा समाज लगाएगा अंकुश

चट मंगनी-पट विवाह से नवदंपतियों का घर बसाने पर जोर

राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज ने समाज के निर्णय का किया स्वागत

विवाह में दिखावा नहीं, नव दंपति का उज्ज्वल भविष्य जरूरी: भगवानू

रायपुर। राजधानी रायपुर पश्चिम परिक्षेत्र के चाटीपाला मांदीकुटुंब, गांड़ा समाज की हुई बैठक में समाजहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में विशेष रूप से शादी-विवाह में होने वाले अनावश्यक एवं दिखावे के खर्चों में कटौती करने तथा ‘चट मंगनी-पट विवाह’ की परंपरा को बढ़ावा देकर नवदंपतियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर सहमति बनी।

बैठक में उपस्थित समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन एवं समाजजनों ने एकमत से निर्णय लिया कि विवाह जैसे शुभ अवसर को अनावश्यक खर्च, दिखावे और प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाया जाएगा। विवाह समारोह को सरल, गरिमापूर्ण और कम खर्चीला बनाने के लिए समाज स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

इस अवसर पर राष्ट्रीय गांड़ा महासमाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक ने इस पहल को समाजहित में अत्यंत सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि गांड़ा समाज मेहनतकश, सामान्य और आर्थिक रूप से संघर्षशील समाज है। समाज का अधिकांश वर्ग अपनी मेहनत से सीमित आय अर्जित करता है। ऐसे में शादी-विवाह में अपनी क्षमता से अधिक खर्च करना परिवारों पर आर्थिक बोझ डालता है।

उन्होंने कहा कि, ‘हमें विवाह में दिखावे और फिजूलखर्ची के बजाय नवदंपति के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। शादी में अनावश्यक रूप से खर्च होने वाली राशि यदि बचाई जाए तो वही धन नवदंपति के घर-गृहस्थी बसाने, शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, मकान या अन्य आवश्यकताओं में उपयोग हो सकता है। इससे विवाह के बाद युवा दंपतियों को आर्थिक संघर्ष कम करना पड़ेगा और उनके जीवन की शुरूआत बेहतर तरीके से होगी।’

समाजिक नेता संतोष क्षत्रि ने कहा कि समाज में ‘चट मंगनी-पट विवाह’ जैसी सरल परंपरा को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य जल्दबाजी में विवाह कराना नहीं, बल्कि अनावश्यक लंबी रस्मों, दिखावे और खर्चीली सामाजिक प्रतिस्पर्धा को कम करते हुए विवाह को सहज एवं आर्थिक रूप से व्यवहारिक बनाना है।

मांदी कुटुंब अध्यक्ष जयलाल नायक ने कहा कि समाज की प्रगति केवल बड़े आयोजन करने से नहीं, बल्कि धन की बचत, शिक्षा, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के भविष्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता से होगी। यदि समाज का प्रत्येक परिवार विवाह में फिजूलखर्ची रोककर बचत को नवदंपति के भविष्य में लगाएगा, तो इसका दूरगामी सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ेगा।

बैठक में उपाध्यक्ष सनत क्षत्रि ने इस पहल को आगे बढ़ाने तथा आने वाले विवाह समारोहों में सादगी, सामाजिक एकता और आर्थिक बचत को प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा बैठक का मुख्य संदेश ‘विवाह में दिखावा नहीं, नवदंपति का भविष्य जरूरी है। फिजूलखर्ची रोकें, बचत बढ़ाएं और नई पीढ़ी का घर-परिवार मजबूत बनाएं।’

इस बैठक में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय गांड़ा महा समाज के संस्थापक अधिवक्ता भगवानू नायक, अन्नू कुमार राणा, शशि कुम्हार, हेमचंद नायक, संतोष क्षत्रि, मांदी कुटुंब अध्यक्ष जयलाल नायक, उपाध्यक्ष सनत क्षत्रि, प्रचार प्रसार सचिव जितेंद्र नायक, हरिचरण महानंद, बिट्टू क्षत्रि, भास्कर नायक, सुरेश नायक, साधुराम नायक सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित थे।

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मीडिया एमपीसीजी